بسم الله الرحمن الرحيم

نتائج البحث: 6236
ترتيب الآيةرقم السورةرقم الآيةالاية
304926117قال رب إن قومي كذبون
नूह ने अर्ज की परवरदिगार मेरी क़ौम ने यक़ीनन मुझे झुठलाया
305026118فافتح بيني وبينهم فتحا ونجني ومن معي من المؤمنين
तो अब तू मेरे और इन लोगों के दरमियान एक क़तई फैसला कर दे और मुझे और जो मोमिनीन मेरे साथ हें उनको नजात दे
305126119فأنجيناه ومن معه في الفلك المشحون
ग़रज़ हमने नूह और उनके साथियों को जो भरी हुई कश्ती में थे नजात दी
305226120ثم أغرقنا بعد الباقين
फिर उसके बाद हमने बाक़ी लोगों को ग़रक कर दिया
305326121إن في ذلك لآية وما كان أكثرهم مؤمنين
बेशक इसमे भी यक़ीनन बड़ी इबरत है और उनमें से बहुतेरे ईमान लाने वाले ही न थे
305426122وإن ربك لهو العزيز الرحيم
और इसमें तो शक ही नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार (सब पर) ग़ालिब मेहरबान है
305526123كذبت عاد المرسلين
(इसी तरह क़ौम) आद ने पैग़म्बरों को झुठलाया
305626124إذ قال لهم أخوهم هود ألا تتقون
जब उनके भाई हूद ने उनसे कहा कि तुम ख़ुदा से क्यों नही डरते
305726125إني لكم رسول أمين
मैं तो यक़ीनन तुम्हारा अमानतदार पैग़म्बर हूँ
305826126فاتقوا الله وأطيعون
तो ख़ुदा से डरो और मेरी इताअत करो


0 ... 294.8 295.8 296.8 297.8 298.8 299.8 300.8 301.8 302.8 303.8 305.8 306.8 307.8 308.8 309.8 310.8 311.8 312.8 313.8 ... 623

إنتاج هذه المادة أخد: 0.02 ثانية


المغرب.كووم © ٢٠٠٩ - ١٤٣٠ © الحـمـد لله الـذي سـخـر لـنا هـذا :: وقف لله تعالى وصدقة جارية

1484402139821612280028393308594559692444