بسم الله الرحمن الرحيم

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1597121بسم الله الرحمن الرحيم الر تلك آيات الكتاب المبين
अलिफ़॰ लाम॰ रा॰। ये स्पष्ट किताब की आयतें हैं
1598122إنا أنزلناه قرآنا عربيا لعلكم تعقلون
हमने इसे अरबी क़ुरआन के रूप में उतारा है, ताकि तुम समझो
1599123نحن نقص عليك أحسن القصص بما أوحينا إليك هذا القرآن وإن كنت من قبله لمن الغافلين
इस क़ुरआन की तुम्हारी ओर प्रकाशना करके इसके द्वारा हम तुम्हें एक बहुत ही अच्छा बयान सुनाते है, यद्यपि इससे पहले तुम बेख़बर थे
1600124إذ قال يوسف لأبيه يا أبت إني رأيت أحد عشر كوكبا والشمس والقمر رأيتهم لي ساجدين
जब यूसुफ़ ने अपने बाप से कहा, "ऐ मेरे बाप! मैंने स्वप्न में ग्यारह सितारे देखे और सूर्य और चाँद। मैंने उन्हें देखा कि वे मुझे सजदा कर रहे है।"
1601125قال يا بني لا تقصص رؤياك على إخوتك فيكيدوا لك كيدا إن الشيطان للإنسان عدو مبين
उसने कहा, "ऐ मेरे बेटे! अपना स्वप्न अपने भाइयों को मत बताना, अन्यथा वे तेरे विरुद्ध कोई चाल चलेंगे। शैतान तो मनुष्य का खुला हुआ शत्रु है
1602126وكذلك يجتبيك ربك ويعلمك من تأويل الأحاديث ويتم نعمته عليك وعلى آل يعقوب كما أتمها على أبويك من قبل إبراهيم وإسحاق إن ربك عليم حكيم
और ऐसा ही होगा, तेरा रब तुझे चुन लेगा और तुझे बातों की तथ्य तक पहुँचना सिखाएगा और अपना अनुग्रह तुझपर और याकूब के घरवालों पर उसी प्रकार पूरा करेगा, जिस प्रकार इससे पहले वह तेरे पूर्वज इबराहीम और इसहाक़ पर पूरा कर चुका है। निस्संदेह तेरा रब सर्वज्ञ, तत्वदर्शी है।"
1603127لقد كان في يوسف وإخوته آيات للسائلين
निश्चय ही यूसुफ़ और उनके भाइयों में सवाल करनेवालों के लिए निशानियाँ है
1604128إذ قالوا ليوسف وأخوه أحب إلى أبينا منا ونحن عصبة إن أبانا لفي ضلال مبين
जबकि उन्होंने कहा, "यूसुफ़ और उसका भाई हमारे बाप को हमसे अधिक प्रिय है, हालाँकि हम एक पूरा जत्था है। वासत्व में हमारे बाप स्पष्ट तः बहक गए है
1605129اقتلوا يوسف أو اطرحوه أرضا يخل لكم وجه أبيكم وتكونوا من بعده قوما صالحين
यूसुफ़ को मार डालो या उसे किसी भूभाग में फेंक आओ, ताकि तुम्हारे बाप का ध्यान केवल तुम्हारी ही ओर हो जाए। इसके पश्चात तुम फिर नेक बन जाना।"
16061210قال قائل منهم لا تقتلوا يوسف وألقوه في غيابت الجب يلتقطه بعض السيارة إن كنتم فاعلين
उनमें से एक बोलनेवाला बोल पड़ा, "यूसुफ़ की हत्या न करो, यदि तुम्हें कुछ करना ही है तो उसे किसी कुएँ की तह में डाल दो। कोई राहगीर उसे उठा लेगा।"


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