بسم الله الرحمن الرحيم

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ترتيب الآيةرقم السورةرقم الآيةالاية
55297434والصبح إذا أسفر
और सुबह की जब रौशन हो जाए
55307435إنها لإحدى الكبر
कि वह (जहन्नुम) भी एक बहुत बड़ी (आफ़त) है
55317436نذيرا للبشر
(और) लोगों के डराने वाली है
55327437لمن شاء منكم أن يتقدم أو يتأخر
(सबके लिए नहीें बल्कि) तुममें से वह जो शख़्श (नेकी की तरफ़) आगे बढ़ना
55337438كل نفس بما كسبت رهينة
और (बुराई से) पीछे हटना चाहे हर शख़्श अपने आमाल के बदले गिर्द है
55347439إلا أصحاب اليمين
मगर दाहिने हाथ (में नामए अमल लेने) वाले
55357440في جنات يتساءلون
(बेहिश्त के) बाग़ों में गुनेहगारों से बाहम पूछ रहे होंगे
55367441عن المجرمين
कि आख़िर तुम्हें दोज़ख़ में कौन सी चीज़ (घसीट) लायी
55377442ما سلككم في سقر
वह लोग कहेंगे
55387443قالوا لم نك من المصلين
कि हम न तो नमाज़ पढ़ा करते थे


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