بسم الله الرحمن الرحيم

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ترتيب الآيةرقم السورةرقم الآيةالاية
54197044خاشعة أبصارهم ترهقهم ذلة ذلك اليوم الذي كانوا يوعدون
(निदामत से) उनकी ऑंखें झुकी होंगी उन पर रूसवाई छाई हुई होगी ये वही दिन है जिसका उनसे वायदा किया जाता था
5420711بسم الله الرحمن الرحيم إنا أرسلنا نوحا إلى قومه أن أنذر قومك من قبل أن يأتيهم عذاب أليم
हमने नूह को उसकी क़ौम के पास (पैग़म्बर बनाकर) भेजा कि क़ब्ल उसके कि उनकी क़ौम पर दर्दनाक अज़ाब आए उनको उससे डराओ
5421712قال يا قوم إني لكم نذير مبين
तो नूह (अपनी क़ौम से) कहने लगे ऐ मेरी क़ौम मैं तो तुम्हें साफ़ साफ़ डराता (और समझाता) हूँ
5422713أن اعبدوا الله واتقوه وأطيعون
कि तुम लोग ख़ुदा की इबादत करो और उसी से डरो और मेरी इताअत करो
5423714يغفر لكم من ذنوبكم ويؤخركم إلى أجل مسمى إن أجل الله إذا جاء لا يؤخر لو كنتم تعلمون
ख़ुदा तुम्हारे गुनाह बख्श देगा और तुम्हें (मौत के) मुक़र्रर वक्त तक बाक़ी रखेगा, बेशक जब ख़ुदा का मुक़र्रर किया हुआ वक्त अा जाता है तो पीछे हटाया नहीं जा सकता अगर तुम समझते होते
5424715قال رب إني دعوت قومي ليلا ونهارا
(जब लोगों ने न माना तो) अर्ज़ की परवरदिगार मैं अपनी क़ौम को (ईमान की तरफ) बुलाता रहा
5425716فلم يزدهم دعائي إلا فرارا
लेकिन वह मेरे बुलाने से और ज्यादा गुरेज़ ही करते रहे
5426717وإني كلما دعوتهم لتغفر لهم جعلوا أصابعهم في آذانهم واستغشوا ثيابهم وأصروا واستكبروا استكبارا
और मैने जब उनको बुलाया कि (ये तौबा करें और) तू उन्हें माफ कर दे तो उन्होने अपने कानों में उंगलियां दे लीं और मुझसे छिपने को कपड़े ओढ़ लिए और अड़ गए और बहुत शिद्दत से अकड़ बैठे
5427718ثم إني دعوتهم جهارا
फिर मैंने उनको बिल एलान बुलाया फिर उनको ज़ाहिर ब ज़ाहिर समझाया
5428719ثم إني أعلنت لهم وأسررت لهم إسرارا
और उनकी पोशीदा भी फ़हमाईश की कि मैंने उनसे कहा


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