بسم الله الرحمن الرحيم

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ترتيب الآيةرقم السورةرقم الآيةالاية
52996828قال أوسطهم ألم أقل لكم لولا تسبحون
जो उनमें से मुनसिफ़ मिजाज़ था कहने लगा क्यों मैंने तुमसे नहीं कहा था कि तुम लोग (ख़ुदा की) तसबीह क्यों नहीं करते
53006829قالوا سبحان ربنا إنا كنا ظالمين
वह बोले हमारा परवरदिगार पाक है बेशक हमीं ही कुसूरवार हैं
53016830فأقبل بعضهم على بعض يتلاومون
फिर लगे एक दूसरे के मुँह दर मुँह मलामत करने
53026831قالوا يا ويلنا إنا كنا طاغين
(आख़िर) सबने इक़रार किया कि हाए अफसोस बेशक हम ही ख़ुद सरकश थे
53036832عسى ربنا أن يبدلنا خيرا منها إنا إلى ربنا راغبون
उम्मीद है कि हमारा परवरदिगार हमें इससे बेहतर बाग़ इनायत फ़रमाए हम अपने परवरदिगार की तरफ रूजू करते हैं
53046833كذلك العذاب ولعذاب الآخرة أكبر لو كانوا يعلمون
(देखो) यूँ अज़ाब होता है और आख़ेरत का अज़ाब तो इससे कहीं बढ़ कर है अगर ये लोग समझते हों
53056834إن للمتقين عند ربهم جنات النعيم
बेशक परहेज़गार लोग अपने परवरदिगार के यहाँ ऐशो आराम के बाग़ों में होंगे
53066835أفنجعل المسلمين كالمجرمين
तो क्या हम फरमाबरदारों को नाफ़रमानो के बराबर कर देंगे
53076836ما لكم كيف تحكمون
(हरगिज़ नहीं) तुम्हें क्या हो गया है तुम तुम कैसा हुक्म लगाते हो
53086837أم لكم كتاب فيه تدرسون
या तुम्हारे पास कोई ईमानी किताब है जिसमें तुम पढ़ लेते हो


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