بسم الله الرحمن الرحيم

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52596718ولقد كذب الذين من قبلهم فكيف كان نكير
और जो लोग उनसे पहले थे उन्होने झुठलाया था तो (देखो) कि मेरी नाख़ुशी कैसी थी
52606719أولم يروا إلى الطير فوقهم صافات ويقبضن ما يمسكهن إلا الرحمن إنه بكل شيء بصير
क्या उन लोगों ने अपने सरों पर चिड़ियों को उड़ते नहीं देखा जो परों को फैलाए रहती हैं और समेट लेती हैं कि ख़ुदा के सिवा उन्हें कोई रोके नहीं रह सकता बेशक वह हर चीज़ को देख रहा है
52616720أمن هذا الذي هو جند لكم ينصركم من دون الرحمن إن الكافرون إلا في غرور
भला ख़ुदा के सिवा ऐसा कौन है जो तुम्हारी फ़ौज बनकर तुम्हारी मदद करे काफ़िर लोग तो धोखे ही (धोखे) में हैं भला ख़ुदा अगर अपनी (दी हुई) रोज़ी रोक ले तो कौन ऐसा है जो तुम्हें रिज़क़ दे
52626721أمن هذا الذي يرزقكم إن أمسك رزقه بل لجوا في عتو ونفور
मगर ये कुफ्फ़ार तो सरकशी और नफ़रत (के भँवर) में फँसे हुए हैं भला जो शख़्श औंधे मुँह के बाल चले वह ज्यादा हिदायत याफ्ता होगा
52636722أفمن يمشي مكبا على وجهه أهدى أمن يمشي سويا على صراط مستقيم
या वह शख़्श जो सीधा बराबर राहे रास्त पर चल रहा हो (ऐ रसूल) तुम कह दो कि ख़ुदा तो वही है जिसने तुमको नित नया पैदा किया
52646723قل هو الذي أنشأكم وجعل لكم السمع والأبصار والأفئدة قليلا ما تشكرون
और तुम्हारे वास्ते कान और ऑंख और दिल बनाए (मगर) तुम तो बहुत कम शुक्र अदा करते हो
52656724قل هو الذي ذرأكم في الأرض وإليه تحشرون
कह दो कि वही तो है जिसने तुमको ज़मीन में फैला दिया और उसी के सामने जमा किए जाओगे
52666725ويقولون متى هذا الوعد إن كنتم صادقين
और कुफ्फ़ार कहते हैं कि अगर तुम सच्चे हो तो (आख़िर) ये वायदा कब (पूरा) होगा
52676726قل إنما العلم عند الله وإنما أنا نذير مبين
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि (इसका) इल्म तो बस ख़ुदा ही को है और मैं तो सिर्फ साफ़ साफ़ (अज़ाब से) डराने वाला हूँ
52686727فلما رأوه زلفة سيئت وجوه الذين كفروا وقيل هذا الذي كنتم به تدعون
तो जब ये लोग उसे करीब से देख लेंगे (ख़ौफ के मारे) काफिरों के चेहरे बिगड़ जाएँगे और उनसे कहा जाएगा ये वही है जिसके तुम ख़वास्तग़ार थे


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