بسم الله الرحمن الرحيم

نتائج البحث: 6236
ترتيب الآيةرقم السورةرقم الآيةالاية
32122753وأنجينا الذين آمنوا وكانوا يتقون
और हमने उन लोगों को जो ईमान लाए थे और परहेज़गार थे बचा लिया
32132754ولوطا إذ قال لقومه أتأتون الفاحشة وأنتم تبصرون
और (ऐ रसूल) लूत को (याद करो) जब उन्होंने अपनी क़ौम से कहा कि क्या तुम देखभाल कर (समझ बूझ कर) ऐसी बेहयाई करते हो
32142755أئنكم لتأتون الرجال شهوة من دون النساء بل أنتم قوم تجهلون
क्या तुम औरतों को छोड़कर शहवत से मर्दों के आते हो (ये तुम अच्छा नहीं करते) बल्कि तुम लोग बड़ी जाहिल क़ौम हो तो लूत की क़ौम का इसके सिवा कुछ जवाब न था
32152756فما كان جواب قومه إلا أن قالوا أخرجوا آل لوط من قريتكم إنهم أناس يتطهرون
कि वह लोग बोल उठे कि लूत के खानदान को अपनी बस्ती (सदूम) से निकाल बाहर करो ये लोग बड़े पाक साफ बनना चाहते हैं
32162757فأنجيناه وأهله إلا امرأته قدرناها من الغابرين
ग़रज हमने लूत को और उनके ख़ानदान को बचा लिया मगर उनकी बीवी कि हमने उसकी तक़दीर में पीछे रह जाने वालों में लिख दिया था
32172758وأمطرنا عليهم مطرا فساء مطر المنذرين
और (फिर तो) हमने उन लोगों पर (पत्थर का) मेंह बरसाया तो जो लोग डराए जा चुके थे उन पर क्या बुरा मेंह बरसा
32182759قل الحمد لله وسلام على عباده الذين اصطفى آلله خير أما يشركون
(ऐ रसूल) तुम कह दो (उनके हलाक़ होने पर) खुदा का शुक्र और उसके बरगुज़ीदा बन्दों पर सलाम भला ख़ुदा बेहतर है या वह चीज़ जिसे ये लोग शरीके ख़ुदा कहते हैं
32192760أمن خلق السماوات والأرض وأنزل لكم من السماء ماء فأنبتنا به حدائق ذات بهجة ما كان لكم أن تنبتوا شجرها أإله مع الله بل هم قوم يعدلون
भला वह कौन है जिसने आसमान और ज़मीन को पैदा किया और तुम्हारे वास्ते आसमान से पानी बरसाया फिर हम ही ने पानी से दिल चस्प (ख़ुशनुमा) बाग़ उठाए तुम्हारे तो ये बस की बात न थी कि तुम उनके दरख्तों को उगा सकते तो क्या ख़ुदा के साथ कोई और माबूद भी है (हरगिज़ नहीं) बल्कि ये लोग खुद अपने जी से गढ़ के बुतो को उसके बराबर बनाते हैं
32202761أمن جعل الأرض قرارا وجعل خلالها أنهارا وجعل لها رواسي وجعل بين البحرين حاجزا أإله مع الله بل أكثرهم لا يعلمون
भला वह कौन है जिसने ज़मीन को (लोगों के) ठहरने की जगह बनाया और उसके दरमियान जा बजा नहरें दौड़ायी और उसकी मज़बूती के वास्ते पहाड़ बनाए और (मीठे खारी) दरियाओं के दरमियान हदे फासिल बनाया तो क्या ख़ुदा के साथ कोई और माबूद भी है (हरगिज़ नहीं) बल्कि उनमें के अकसर कुछ जानते ही नहीं
32212762أمن يجيب المضطر إذا دعاه ويكشف السوء ويجعلكم خلفاء الأرض أإله مع الله قليلا ما تذكرون
भला वह कौन है कि जब मुज़तर उसे पुकारे तो दुआ क़ुबूल करता है और मुसीबत को दूर करता है और तुम लोगों को ज़मीन में (अपना) नायब बनाता है तो क्या ख़ुदा के साथ कोई और माबूद है (हरगिज़ नहीं) उस पर भी तुम लोग बहुत कम नसीहत व इबरत हासिल करते हो


0 ... 311.1 312.1 313.1 314.1 315.1 316.1 317.1 318.1 319.1 320.1 322.1 323.1 324.1 325.1 326.1 327.1 328.1 329.1 330.1 ... 623

إنتاج هذه المادة أخد: 0.02 ثانية


المغرب.كووم © ٢٠٠٩ - ١٤٣٠ © الحـمـد لله الـذي سـخـر لـنا هـذا :: وقف لله تعالى وصدقة جارية

318347548954896137552725167322846035741