بسم الله الرحمن الرحيم

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ترتيب الآيةرقم السورةرقم الآيةالاية
29992667إن في ذلك لآية وما كان أكثرهم مؤمنين
बेशक इसमें यक़ीनन एक बड़ी इबरत है और उनमें अक्सर ईमान लाने वाले ही न थे
30002668وإن ربك لهو العزيز الرحيم
और इसमें तो शक ही न था कि तुम्हारा परवरदिगार यक़ीनन (सब पर) ग़ालिब और बड़ा मेहरबान है
30012669واتل عليهم نبأ إبراهيم
और (ऐ रसूल) उन लोगों के सामने इबराहीम का किस्सा बयान करों
30022670إذ قال لأبيه وقومه ما تعبدون
जब उन्होंने अपने (मुँह बोले) बाप और अपनी क़ौम से कहा
30032671قالوا نعبد أصناما فنظل لها عاكفين
कि तुम लोग किसकी इबादत करते हो तो वह बोले हम बुतों की इबादत करते हैं और उन्हीं के मुजाविर बन जाते हैं
30042672قال هل يسمعونكم إذ تدعون
इबराहीम ने कहा भला जब तुम लोग उन्हें पुकारते हो तो वह तुम्हारी कुछ सुनते हैं
30052673أو ينفعونكم أو يضرون
या तम्हें कुछ नफा या नुक़सान पहुँचा सकते हैं
30062674قالوا بل وجدنا آباءنا كذلك يفعلون
कहने लगे (कि ये सब तो कुछ नहीं) बल्कि हमने अपने बाप दादाओं को ऐसा ही करते पाया है
30072675قال أفرأيتم ما كنتم تعبدون
इबराहीम ने कहा क्या तुमने देखा भी कि जिन चीज़ों कीे तुम परसतिश करते हो
30082676أنتم وآباؤكم الأقدمون
या तुम्हारे अगले बाप दादा (करते थे) ये सब मेरे यक़ीनी दुश्मन हैं


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