بسم الله الرحمن الرحيم

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ترتيب الآيةرقم السورةرقم الآيةالاية
25312148ولقد آتينا موسى وهارون الفرقان وضياء وذكرا للمتقين
और हम मूसा और हारून को कसौटी और रौशनी और याददिहानी प्रदान कर चुके हैं, उन डर रखनेवालों के लिए
25322149الذين يخشون ربهم بالغيب وهم من الساعة مشفقون
जो परोक्ष में रहते हुए अपने रब से डरते है और उन्हें क़ियामत की घड़ी का भय लगा रहता है
25332150وهذا ذكر مبارك أنزلناه أفأنتم له منكرون
और वह बरकतवाली अनुस्मृति है, जिसको हमने अवतरित किया है। तो क्या तुम्हें इससे इनकार है
25342151ولقد آتينا إبراهيم رشده من قبل وكنا به عالمين
और इससे पहले हमने इबराहीम को उसकी हिदायत और समझ दी थी - और हम उसे भली-भाँति जानते थे। -
25352152إذ قال لأبيه وقومه ما هذه التماثيل التي أنتم لها عاكفون
जब उसने अपने बाप और अपनी क़ौम से कहा, "ये मूर्तियाँ क्या है, जिनसे तुम लगे बैठे हो?"
25362153قالوا وجدنا آباءنا لها عابدين
वे बोले, "हमने अपने बाप-दादा को इन्हीं की पूजा करते पाया है।"
25372154قال لقد كنتم أنتم وآباؤكم في ضلال مبين
उसने कहा, "तुम भी और तुम्हारे बाप-दादा भी खुली गुमराही में हो।"
25382155قالوا أجئتنا بالحق أم أنت من اللاعبين
उन्होंने कहा, "क्या तू हमारे पास सत्य लेकर आया है या यूँ ही खेल कर रहा है?"
25392156قال بل ربكم رب السماوات والأرض الذي فطرهن وأنا على ذلكم من الشاهدين
उसने कहा, "नहीं, बल्कि बात यह है कि तुम्हारा रब आकाशों और धरती का रब है, जिसने उनको पैदा किया है और मैं इसपर तुम्हारे सामने गवाही देता हूँ
25402157وتالله لأكيدن أصنامكم بعد أن تولوا مدبرين
और अल्लाह की क़सम! इसके पश्चात कि तुम पीठ फेरकर लौटो, मैं तुम्हारी मूर्तियों के साथ अवश्य् एक चाल चलूँगा।"


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