بسم الله الرحمن الرحيم

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ترتيب الآيةرقم السورةرقم الآيةالاية
2491218وما جعلناهم جسدا لا يأكلون الطعام وما كانوا خالدين
उनको हमने कोई ऐसा शरीर नहीं दिया था कि वे भोजन न करते हों और न वे सदैव रहनेवाले ही थे
2492219ثم صدقناهم الوعد فأنجيناهم ومن نشاء وأهلكنا المسرفين
फिर हमने उनके साथ वादे को सच्चा कर दिखाया और उन्हें हमने छुटकारा दिया, और जिसे हम चाहें उसे छुटकारा मिलता है। और मर्यादाहीनों को हमने विनष्ट कर दिया
24932110لقد أنزلنا إليكم كتابا فيه ذكركم أفلا تعقلون
लो, हमने तुम्हारी ओर एक किताब अवतरित कर दी है, जिसमें तुम्हारे लिए याददिहानी है। तो क्या तुम बुद्धि से काम नहीं लेते?
24942111وكم قصمنا من قرية كانت ظالمة وأنشأنا بعدها قوما آخرين
कितनी ही बस्तियों को, जो ज़ालिम थीं, हमने तोड़कर रख दिया और उनके बाद हमने दूसरे लोगों को उठाया
24952112فلما أحسوا بأسنا إذا هم منها يركضون
फिर जब उन्हें हमारी यातना का आभास हुआ तो लगे वहाँ से भागने
24962113لا تركضوا وارجعوا إلى ما أترفتم فيه ومساكنكم لعلكم تسألون
कहा गया, "भागो नहीं! लौट चलो, उसी भोग-विलास की ओर जो तुम्हें प्राप्त था और अपने घरों की ओर ताकि तुमसे पूछा जाए।"
24972114قالوا يا ويلنا إنا كنا ظالمين
कहने लगे, "हाय हमारा दुर्भाग्य! निस्संदेह हम ज़ालिम थे।"
24982115فما زالت تلك دعواهم حتى جعلناهم حصيدا خامدين
फिर उनकी निरन्तर यही पुकार रही, यहाँ तक कि हमने उन्हें ऐसा कर दिया जैसे कटी हुई खेती, बुझी हुई आग हो
24992116وما خلقنا السماء والأرض وما بينهما لاعبين
और हमने आकाश और धरती को और जो कुछ उसके मध्य में है कुछ इस प्रकार नहीं बनाया कि हम कोई खेल करने वाले हो
25002117لو أردنا أن نتخذ لهوا لاتخذناه من لدنا إن كنا فاعلين
यदि हम कोई खेल-तमाशा करना चाहते हो अपने ही पास से कर लेते, यदि हम ऐसा करने ही वाले होते


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