بسم الله الرحمن الرحيم

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ترتيب الآيةرقم السورةرقم الآيةالاية
104297قل من كان عدوا لجبريل فإنه نزله على قلبك بإذن الله مصدقا لما بين يديه وهدى وبشرى للمؤمنين
कहो, "जो कोई जिबरील का शत्रु हो, (तो वह अल्लाह का शत्रु है) क्योंकि उसने तो उसे अल्लाह ही के हुक्म से तम्हारे दिल पर उतारा है, जो उन (भविष्यवाणियों) के सर्वथा अनुकूल है जो उससे पहले से मौजूद हैं; और ईमानवालों के लिए मार्गदर्शन और शुभ-सूचना है
105298من كان عدوا لله وملائكته ورسله وجبريل وميكال فإن الله عدو للكافرين
जो कोई अल्लाह और उसके फ़रिश्तों और उसके रसूलों और जिबरील और मीकाईल का शत्रु हो, तो ऐसे इनकार करनेवालों का अल्लाह शत्रु है।"
106299ولقد أنزلنا إليك آيات بينات وما يكفر بها إلا الفاسقون
और हमने तुम्हारी ओर खुली-खुली आयतें उतारी है और उनका इनकार तो बस वही लोग करते हैस जो उल्लंघनकारी हैं
1072100أوكلما عاهدوا عهدا نبذه فريق منهم بل أكثرهم لا يؤمنون
क्या यह एक निश्चित नीति है कि जब कि उन्होंने कोई वचन दिया तो उनके एक गिरोह ने उसे उठा फेंका? बल्कि उनमें अधिकतर ईमान ही नहीं रखते
1082101ولما جاءهم رسول من عند الله مصدق لما معهم نبذ فريق من الذين أوتوا الكتاب كتاب الله وراء ظهورهم كأنهم لا يعلمون
और जब उनके पास अल्लाह की ओर से एक रसूल आया, जिससे उस (भविष्यवाणी) की पुष्टि हो रही है जो उनके पास थी, तो उनके एक गिरोह ने, जिन्हें किताब मिली थी, अल्लाह की किताब को अपने पीठ पीछे डाल दिया, मानो वे कुछ जानते ही नही
1092102واتبعوا ما تتلو الشياطين على ملك سليمان وما كفر سليمان ولكن الشياطين كفروا يعلمون الناس السحر وما أنزل على الملكين ببابل هاروت وماروت وما يعلمان من أحد حتى يقولا إنما نحن فتنة فلا تكفر فيتعلمون منهما ما يفرقون به بين المرء وزوجه وما هم بضارين به من أحد إلا بإذن الله ويتعلمون ما يضرهم ولا ينفعهم ولقد علموا لمن اشتراه ما له في الآخرة من خلاق ولبئس ما شروا به أنفسهم لو كانوا يعلمون
और जो वे उस चीज़ के पीछे पड़ गए जिसे शैतान सुलैमान की बादशाही पर थोपकर पढ़ते थे - हालाँकि सुलैमान ने कोई कुफ़्र नहीं किया था, बल्कि कुफ़्र तो शैतानों ने किया था; वे लोगों को जादू सिखाते थे - और उस चीज़ में पड़ गए जो बाबिल में दोनों फ़रिश्तों हारूत और मारूत पर उतारी गई थी। और वे किसी को भी सिखाते न थे जब तक कि कह न देते, "हम तो बस एक परीक्षा है; तो तुम कुफ़्र में न पड़ना।" तो लोग उन दोनों से वह कुछ सीखते है, जिसके द्वारा पति और पत्नी में अलगाव पैदा कर दे - यद्यपि वे उससे किसी को भी हानि नहीं पहुँचा सकते थे। हाँ, यह और बात है कि अल्लाह के हुक्म से किसी को हानि पहुँचनेवाली ही हो - और वह कुछ सीखते है जो उन्हें हानि ही पहुँचाए और उन्हें कोई लाभ न पहुँचाए। और उन्हें भली-भाँति मालूम है कि जो उसका ग्राहक बना, उसका आखिरत में कोई हिस्सा नहीं। कितनी बुरी चीज़ के बदले उन्होंने प्राणों का सौदा किया, यदि वे जानते (तो ठीक मार्ग अपनाते)
1102103ولو أنهم آمنوا واتقوا لمثوبة من عند الله خير لو كانوا يعلمون
और यदि वे ईमान लाते और डर रखते, तो अल्लाह के यहाँ से मिलनेवाला बदला कहीं अच्छा था, यदि वे जानते (तो इसे समझ सकते)
1112104يا أيها الذين آمنوا لا تقولوا راعنا وقولوا انظرنا واسمعوا وللكافرين عذاب أليم
ऐ ईमान लानेवालो! 'राइना' न कहा करो, बल्कि 'उनज़ुरना' कहा और सुना करो। और इनकार करनेवालों के लिए दुखद यातना है
1122105ما يود الذين كفروا من أهل الكتاب ولا المشركين أن ينزل عليكم من خير من ربكم والله يختص برحمته من يشاء والله ذو الفضل العظيم
इनकार करनेवाले नहीं चाहते, न किताबवाले और न मुशरिक (बहुदेववादी) कि तुम्हारे रब की ओर से तुमपर कोई भलाई उतरे, हालाँकि अल्लाह जिसे चाहे अपनी दयालुता के लिए ख़ास कर ले; अल्लाह बड़ा अनुग्रह करनेवाला है
1132106ما ننسخ من آية أو ننسها نأت بخير منها أو مثلها ألم تعلم أن الله على كل شيء قدير
हम जिस आयत (और निशान) को भी मिटा दें या उसे भुला देते है, तो उससे बेहतर लाते है या उस जैसा दूसरा ही। क्या तुम नहीं जानते हो कि अल्लाह को हर चीज़ का सामर्थ्य प्राप्त है?


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