بسم الله الرحمن الرحيم

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ترتيب الآيةرقم السورةرقم الآيةالاية
54917316فعصى فرعون الرسول فأخذناه أخذا وبيلا
किन्तु फ़िरऔन ने रसूल की अवज्ञा कि, तो हमने उसे पकड़ लिया और यह पकड़ सख़्त वबाल थी
54927317فكيف تتقون إن كفرتم يوما يجعل الولدان شيبا
यदि तुमने इनकार किया तो उस दिन से कैसे बचोगे जो बच्चों को बूढा कर देगा?
54937318السماء منفطر به كان وعده مفعولا
आकाश उसके कारण फटा पड़ रहा है, उसका वादा तो पूरा ही होना है
54947319إن هذه تذكرة فمن شاء اتخذ إلى ربه سبيلا
निश्चय ही यह एक अनुस्मृति है। अब जो चाहे अपने रब की ओर मार्ग ग्रहण कर ले
54957320إن ربك يعلم أنك تقوم أدنى من ثلثي الليل ونصفه وثلثه وطائفة من الذين معك والله يقدر الليل والنهار علم أن لن تحصوه فتاب عليكم فاقرءوا ما تيسر من القرآن علم أن سيكون منكم مرضى وآخرون يضربون في الأرض يبتغون من فضل الله وآخرون يقاتلون في سبيل الله فاقرءوا ما تيسر منه وأقيموا الصلاة وآتوا الزكاة وأقرضوا الله قرضا حسنا وما تقدموا لأنفسكم من خير تجدوه عند الله هو خيرا وأعظم أجرا واستغفروا الله إن الله غفور رحيم
निस्संदेह तुम्हारा रब जानता है कि तुम लगभग दो तिहाई रात, आधी रात और एक तिहाई रात तक (नमाज़ में) खड़े रहते हो, और एक गिरोंह उन लोगों में से भी जो तुम्हारे साथ है, खड़ा होता है। और अल्लाह रात और दिन की घट-बढ़ नियत करता है। उसे मालूम है कि तुम सब उसका निर्वाह न कर सकोगे, अतः उसने तुमपर दया-दृष्टि की। अब जितना क़ुरआन आसानी से हो सके पढ़ लिया करो। उसे मालूम है कि तुममे से कुछ बीमार भी होंगे, और कुछ दूसरे लोग अल्लाह के उदार अनुग्रह (रोज़ी) को ढूँढ़ते हुए धरती में यात्रा करेंगे, कुछ दूसरे लोग अल्लाह के मार्ग में युद्ध करेंगे। अतः उसमें से जितना आसानी से हो सके पढ़ लिया करो, और नमाज़ क़ायम करो और ज़कात देते रहो, और अल्लाह को ऋण दो, अच्छा ऋण। तुम जो भलाई भी अपने लिए (आगे) भेजोगे उसे अल्लाह के यहाँ अत्युत्तम और प्रतिदान की दृष्टि से बहुत बढ़कर पाओगे। और अल्लाह से माफ़ी माँगते रहो। बेशक अल्लाह अत्यन्त क्षमाशील, दयावान है
5496741بسم الله الرحمن الرحيم يا أيها المدثر
ऐ ओढ़ने लपेटनेवाले!
5497742قم فأنذر
उठो, और सावधान करने में लग जाओ
5498743وربك فكبر
और अपने रब की बड़ाई ही करो
5499744وثيابك فطهر
अपने दामन को पाक रखो
5500745والرجز فاهجر
और गन्दगी से दूर ही रहो


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