بسم الله الرحمن الرحيم

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ترتيب الآيةرقم السورةرقم الآيةالاية
54727225قل إن أدري أقريب ما توعدون أم يجعل له ربي أمدا
कह दो, "मैं नहीं जानता कि जिस चीज़ का तुमसे वादा किया जाता है वह निकट है या मेरा रब उसके लिए लम्बी अवधि ठहराता है
54737226عالم الغيب فلا يظهر على غيبه أحدا
"परोक्ष का जाननेवाला वही है और वह अपने परोक्ष को किसी पर प्रकट नहीं करता,
54747227إلا من ارتضى من رسول فإنه يسلك من بين يديه ومن خلفه رصدا
सिवाय उस व्यक्ति के जिसे उसने रसूल की हैसियत से पसन्द कर लिया हो तो उसके आगे से और उसके पीछे से निगरानी की पूर्ण व्यवस्था कर देता है,
54757228ليعلم أن قد أبلغوا رسالات ربهم وأحاط بما لديهم وأحصى كل شيء عددا
ताकि वह यक़ीनी बना दे कि उन्होंने अपने रब के सन्देश पहुँचा दिए और जो कुछ उनके पास है उसे वह घेरे हुए है और हर चीज़ को उसने गिन रखा है।"
5476731بسم الله الرحمن الرحيم يا أيها المزمل
ऐ कपड़े में लिपटनेवाले!
5477732قم الليل إلا قليلا
रात को उठकर (नमाज़ में) खड़े रहा करो - सिवाय थोड़ा हिस्सा -
5478733نصفه أو انقص منه قليلا
आधी रात
5479734أو زد عليه ورتل القرآن ترتيلا
या उससे कुछ थोड़ा कम कर लो या उससे कुछ अधिक बढ़ा लो और क़ुरआन को भली-भाँति ठहर-ठहरकर पढ़ो। -
5480735إنا سنلقي عليك قولا ثقيلا
निश्चय ही हम तुमपर एक भारी बात डालनेवाले है
5481736إن ناشئة الليل هي أشد وطئا وأقوم قيلا
निस्संदेह रात का उठना अत्यन्त अनुकूलता रखता है और बात भी उसमें अत्यन्त सधी हुई होती है


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