بسم الله الرحمن الرحيم

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ترتيب الآيةرقم السورةرقم الآيةالاية
54127037عن اليمين وعن الشمال عزين
दाएँ और बाएँ से गिरोह के गिरोह
54137038أيطمع كل امرئ منهم أن يدخل جنة نعيم
क्या उनमें से प्रत्येक व्यक्ति इसकी लालसा रखता है कि वह अनुकम्पा से परिपूर्ण जन्नत में प्रविष्ट हो?
54147039كلا إنا خلقناهم مما يعلمون
कदापि नहीं, हमने उन्हें उस चीज़ से पैदा किया है, जिसे वे भली-भाँति जानते है
54157040فلا أقسم برب المشارق والمغارب إنا لقادرون
अतः कुछ नहीं, मैं क़सम खाता हूँ पूर्वों और पश्चिमों के रब की, हमे इसकी सामर्थ्य प्राप्त है
54167041على أن نبدل خيرا منهم وما نحن بمسبوقين
कि उनकी उनसे अच्छे ले आएँ और हम पिछड़ जानेवाले नहीं है
54177042فذرهم يخوضوا ويلعبوا حتى يلاقوا يومهم الذي يوعدون
अतः उन्हें छोड़ो कि वे व्यर्थ बातों में पड़े रहें और खेलते रहे, यहाँ तक कि वे अपने उस दिन से मिलें, जिसका उनसे वादा किया जा रहा है,
54187043يوم يخرجون من الأجداث سراعا كأنهم إلى نصب يوفضون
जिस दिन वे क़ब्रों से तेज़ी के साथ निकलेंगे जैसे किसी निशान की ओर दौड़े जा रहे है,
54197044خاشعة أبصارهم ترهقهم ذلة ذلك اليوم الذي كانوا يوعدون
उनकी निगाहें झुकी होंगी, ज़िल्लत उनपर छा रही होगी। यह है वह दिन जिससे वह डराए जाते रहे है
5420711بسم الله الرحمن الرحيم إنا أرسلنا نوحا إلى قومه أن أنذر قومك من قبل أن يأتيهم عذاب أليم
हमने नूह को उसकी कौ़म की ओर भेजा कि "अपनी क़ौम के लोगों को सावधान कर दो, इससे पहले कि उनपर कोई दुखद यातना आ जाए।"
5421712قال يا قوم إني لكم نذير مبين
उसने कहा, "ऐ मेरी क़ौम के लोगो! मैं तुम्हारे लिए एक स्पष्ट सचेतकर्ता हूँ


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