بسم الله الرحمن الرحيم

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ترتيب الآيةرقم السورةرقم الآيةالاية
50725693فنزل من حميم
तो (उसकी) मेहमानी खौलता हुआ पानी है
50735694وتصلية جحيم
और जहन्नुम में दाखिल कर देना
50745695إن هذا لهو حق اليقين
बेशक ये (ख़बर) यक़ीनन सही है
50755696فسبح باسم ربك العظيم
तो (ऐ रसूल) तुम अपने बुज़ुर्ग परवरदिगार की तस्बीह करो
5076571بسم الله الرحمن الرحيم سبح لله ما في السماوات والأرض وهو العزيز الحكيم
जो जो चीज़ सारे आसमान व ज़मीन में है सब ख़ुदा की तसबीह करती है और वही ग़ालिब हिकमत वाला है
5077572له ملك السماوات والأرض يحيي ويميت وهو على كل شيء قدير
सारे आसमान व ज़मीन की बादशाही उसी की है वही जिलाता है वही मारता है और वही हर चीज़ पर कादिर है
5078573هو الأول والآخر والظاهر والباطن وهو بكل شيء عليم
वही सबसे पहले और सबसे आख़िर है और (अपनी क़ूवतों से) सब पर ज़ाहिर और (निगाहों से) पोशीदा है और वही सब चीज़ों को जानता
5079574هو الذي خلق السماوات والأرض في ستة أيام ثم استوى على العرش يعلم ما يلج في الأرض وما يخرج منها وما ينزل من السماء وما يعرج فيها وهو معكم أين ما كنتم والله بما تعملون بصير
वह वही तो है जिसने सारे आसमान व ज़मीन को छह: दिन में पैदा किए फिर अर्श (के बनाने) पर आमादा हुआ जो चीज़ ज़मीन में दाखिल होती है और जो उससे निकलती है और जो चीज़ आसमान से नाज़िल होती है और जो उसकी तरफ चढ़ती है (सब) उसको मालूम है और तुम (चाहे) जहाँ कहीं रहो वह तुम्हारे साथ है और जो कुछ भी तुम करते हो ख़ुदा उसे देख रहा है
5080575له ملك السماوات والأرض وإلى الله ترجع الأمور
सारे आसमान व ज़मीन की बादशाही ख़ास उसी की है और ख़ुदा ही की तरफ कुल उमूर की रूजू होती है
5081576يولج الليل في النهار ويولج النهار في الليل وهو عليم بذات الصدور
वही रात को (घटा कर) दिन में दाखिल करता है तो दिन बढ़ जाता है और दिन को (घटाकर) रात में दाख़िल करता है (तो रात बढ़ जाती है) और दिलों के भेदों तक से ख़ूब वाक़िफ है


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