بسم الله الرحمن الرحيم

نتائج البحث: 6236
ترتيب الآيةرقم السورةرقم الآيةالاية
47205145فما استطاعوا من قيام وما كانوا منتصرين
फिर न वह उठने की ताक़त रखते थे और न बदला ही ले सकते थे
47215146وقوم نوح من قبل إنهم كانوا قوما فاسقين
और (उनसे) पहले (हम) नूह की क़ौम को (हलाक कर चुके थे) बेशक वह बदकार लोग थे
47225147والسماء بنيناها بأيد وإنا لموسعون
और हमने आसमानों को अपने बल बूते से बनाया और बेशक हममें सब क़ुदरत है
47235148والأرض فرشناها فنعم الماهدون
और ज़मीन को भी हम ही ने बिछाया तो हम कैसे अच्छे बिछाने वाले हैं
47245149ومن كل شيء خلقنا زوجين لعلكم تذكرون
और हम ही ने हर चीज़ की दो दो क़िस्में बनायीं ताकि तुम लोग नसीहत हासिल करो
47255150ففروا إلى الله إني لكم منه نذير مبين
तो ख़ुदा ही की तरफ़ भागो मैं तुमको यक़ीनन उसकी तरफ से खुल्लम खुल्ला डराने वाला हूँ
47265151ولا تجعلوا مع الله إلها آخر إني لكم منه نذير مبين
और ख़ुदा के साथ दूसरा माबूद न बनाओ मैं तुमको यक़ीनन उसकी तरफ से खुल्लम खुल्ला डराने वाला हूँ
47275152كذلك ما أتى الذين من قبلهم من رسول إلا قالوا ساحر أو مجنون
इसी तरह उनसे पहले लोगों के पास जो पैग़म्बर आता तो वह उसको जादूगर कहते या सिड़ी दीवाना (बताते)
47285153أتواصوا به بل هم قوم طاغون
ये लोग एक दूसरे को ऐसी बात की वसीयत करते आते हैं (नहीं) बल्कि ये लोग हैं ही सरकश
47295154فتول عنهم فما أنت بملوم
तो (ऐ रसूल) तुम इनसे मुँह फेर लो तुम पर तो कुछ इल्ज़ाम नहीं है


0 ... 461.9 462.9 463.9 464.9 465.9 466.9 467.9 468.9 469.9 470.9 472.9 473.9 474.9 475.9 476.9 477.9 478.9 479.9 480.9 ... 623

إنتاج هذه المادة أخد: 0.02 ثانية


المغرب.كووم © ٢٠٠٩ - ١٤٣٠ © الحـمـد لله الـذي سـخـر لـنا هـذا :: وقف لله تعالى وصدقة جارية

388516343088241847214832571045430882741