بسم الله الرحمن الرحيم

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ترتيب الآيةرقم السورةرقم الآيةالاية
41544021أولم يسيروا في الأرض فينظروا كيف كان عاقبة الذين كانوا من قبلهم كانوا هم أشد منهم قوة وآثارا في الأرض فأخذهم الله بذنوبهم وما كان لهم من الله من واق
क्या वे धरती में चले-फिरे नहीं कि देखते कि उन लोगों का कैसा परिणाम हुआ, जो उनसे पहले गुज़र चुके है? वे शक्ति और धरती में अपने चिन्हों की दृष्टि\ से उनसे कहीं बढ़-चढ़कर थे, फिर उनके गुनाहों के कारण अल्लाह ने उन्हें पकड़ लिया। और अल्लाह से उन्हें बचानेवाला कोई न हुआ
41554022ذلك بأنهم كانت تأتيهم رسلهم بالبينات فكفروا فأخذهم الله إنه قوي شديد العقاب
वह (बुरा परिणाम) तो इसलिए सामने आया कि उनके पास उनके रसूल स्पष्ट प्रमाण लेकर आते रहे, किन्तु उन्होंने इनकार किया। अन्ततः अल्लाह ने उन्हें पकड़ लिया। निश्चय ही वह बड़ी शक्तिवाला, सज़ा देने में अत्याधिक कठोर है
41564023ولقد أرسلنا موسى بآياتنا وسلطان مبين
और हमने मूसा को भी अपनी निशानियों और स्पष्ट प्रमाण के साथ
41574024إلى فرعون وهامان وقارون فقالوا ساحر كذاب
फ़िरऔन औऱ हामान और क़ारून की ओर भेजा था, किन्तु उन्होंने कहा, "यह तो जादूगर है, बड़ा झूठा!"
41584025فلما جاءهم بالحق من عندنا قالوا اقتلوا أبناء الذين آمنوا معه واستحيوا نساءهم وما كيد الكافرين إلا في ضلال
फिर जब वह उनके सामने हमारे पास से सत्य लेकर आया तो उन्होंने कहा, "जो लोग ईमान लेकर उसके साथ है, उनके बेटों को मार डालो औऱ उनकी स्त्रियों को जीवित छोड़ दो।" किन्तु इनकार करनेवालों की चाल तो भटकने ही के लिए होती है
41594026وقال فرعون ذروني أقتل موسى وليدع ربه إني أخاف أن يبدل دينكم أو أن يظهر في الأرض الفساد
फ़िरऔन ने कहा, "मुझे छोड़ो, मैं मूसा को मार डालूँ और उसे चाहिए कि वह अपने रब को (अपनी सहायता के लिए) पुकारे। मुझे डर है कि ऐसा न हो कि वह तुम्हारे धर्म को बदल डाले या यह कि वह देश में बिगाड़ पैदा करे।"
41604027وقال موسى إني عذت بربي وربكم من كل متكبر لا يؤمن بيوم الحساب
मूसा ने कहा, "मैंने हर अहंकारी के मुक़ाबले में, जो हिसाब के दिन पर ईमान नहीं रखता, अपने रब और तुम्हारे रब की शरण ले ली है।"
41614028وقال رجل مؤمن من آل فرعون يكتم إيمانه أتقتلون رجلا أن يقول ربي الله وقد جاءكم بالبينات من ربكم وإن يك كاذبا فعليه كذبه وإن يك صادقا يصبكم بعض الذي يعدكم إن الله لا يهدي من هو مسرف كذاب
फ़िरऔन के लोगों में से एक ईमानवाले व्यक्ति ने, जो अपने ईमान को छिपा रहा था, कहा, "क्या तुम एक ऐसे व्यक्ति को इसलिए मार डालोगे कि वह कहता है कि मेरा रब अल्लाह है और वह तुम्हारे पास तुम्हारे रब की ओर से खुले प्रमाण भी लेकर आया है? यदि वह झूठा है तो उसके झूठ का वबाल उसी पर पड़ेगा। किन्तु यदि वह सच्चा है तो जिस चीज़ की वह तुम्हें धमकी दे रहा है, उसमें से कुछ न कुछ तो तुमपर पड़कर रहेगा। निश्चय ही अल्लाह उसको मार्ग नहीं दिखाता जो मर्यादाहीन, बड़ा झूठा हो
41624029يا قوم لكم الملك اليوم ظاهرين في الأرض فمن ينصرنا من بأس الله إن جاءنا قال فرعون ما أريكم إلا ما أرى وما أهديكم إلا سبيل الرشاد
ऐ मेरी क़ौम के लोगो! आज तुम्हारी बादशाही है। धरती में प्रभावी हो। किन्तु अल्लाह की यातना के मुक़ाबले में कौन हमारी सहायता करेगा, यदि वह हम पर आ जाए?" फ़िरऔन ने कहा, "मैं तो तुम्हें बस वही दिखा रहा हूँ जो मैं स्वयं देख रहा हूँ और मैं तुम्हें बस ठीक रास्ता दिखा रहा हूँ, जो बुद्धिसंगत भी है।"
41634030وقال الذي آمن يا قوم إني أخاف عليكم مثل يوم الأحزاب
उस व्यक्ति ने, जो ईमान ला चुका था, कहा, "ऐ मेरी क़ौम के लोगो! मुझे भय है कि तुमपर (विनाश का) ऐसा दिन न आ पड़े, जैसा दूसरे विगत समुदायों पर आ पड़ा था।


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