بسم الله الرحمن الرحيم

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40443874إلا إبليس استكبر وكان من الكافرين
मगर (एक) इबलीस ने कि वह शेख़ी में आ गया और काफिरों में हो गया
40453875قال يا إبليس ما منعك أن تسجد لما خلقت بيدي أستكبرت أم كنت من العالين
ख़ुदा ने (इबलीस से) फरमाया कि ऐ इबलीस जिस चीज़ को मैंने अपनी ख़ास कुदरत से पैदा किया (भला) उसको सजदा करने से तुझे किसी ने रोका क्या तूने तक़ब्बुर किया या वाकई तू बड़े दरजे वालें में है
40463876قال أنا خير منه خلقتني من نار وخلقته من طين
इबलीस बोल उठा कि मैं उससे बेहतर हूँ तूने मुझे आग से पैदा किया और इसको तूने गीली मिट्टी से पैदा किया
40473877قال فاخرج منها فإنك رجيم
(कहाँ आग कहाँ मिट्टी) खुदा ने फरमाया कि तू यहाँ से निकल (दूर हो) तू यक़ीनी मरदूद है
40483878وإن عليك لعنتي إلى يوم الدين
और तुझ पर रोज़ जज़ा (क़यामत) तक मेरी फिटकार पड़ा करेगी
40493879قال رب فأنظرني إلى يوم يبعثون
शैतान ने अर्ज़ की परवरदिगार तू मुझे उस दिन तक की मोहलत अता कर जिसमें सब लोग (दोबारा) उठा खड़े किए जायेंगे
40503880قال فإنك من المنظرين
फरमाया तुझे एक वक्त मुअय्यन के दिन तक की मोहलत दी गयी
40513881إلى يوم الوقت المعلوم
वह बोला तेरी ही इज्ज़त व जलाल की क़सम
40523882قال فبعزتك لأغوينهم أجمعين
उनमें से तेरे ख़ालिस बन्दों के सिवा सब के सब को ज़रूर गुमराह करूँगा
40533883إلا عبادك منهم المخلصين
खुदा ने फरमाया तो (हम भी) हक़ बात (कहे देते हैं)


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