بسم الله الرحمن الرحيم

نتائج البحث: 6236
ترتيب الآيةرقم السورةرقم الآيةالاية
34653056وقال الذين أوتوا العلم والإيمان لقد لبثتم في كتاب الله إلى يوم البعث فهذا يوم البعث ولكنكم كنتم لا تعلمون
किन्तु जिन लोगों को ज्ञान और ईमान प्रदान हुआ, वे कहते, "अल्लाह के लेख में तो तुम जीवित होकर उठने के दिन ठहरे रहे हो। तो यही जीवित हो उठाने का दिन है। किन्तु तुम जानते न थे।"
34663057فيومئذ لا ينفع الذين ظلموا معذرتهم ولا هم يستعتبون
अतः उस दिन ज़ुल्म करनेवालों को उनका कोई उज़्र (सफाई पेश करना) काम न आएगा और न उनसे यह चाहा जाएगा कि वे किसी यत्न से (अल्लाह के) प्रकोप को टाल सकें
34673058ولقد ضربنا للناس في هذا القرآن من كل مثل ولئن جئتهم بآية ليقولن الذين كفروا إن أنتم إلا مبطلون
हमने इस क़ुरआन में लोगों के लिए प्रत्येक मिसाल पेश कर दी है। यदि तुम कोई भी निशानी उनके पास ले आओ, जिन लोगों ने इनकार किया है, वे तो यही कहेंगे, "तुम तो बस झूठ घड़ते हो।"
34683059كذلك يطبع الله على قلوب الذين لا يعلمون
इस प्रकार अल्लाह उन लोगों के दिलों पर ठप्पा लगा देता है जो अज्ञानी है
34693060فاصبر إن وعد الله حق ولا يستخفنك الذين لا يوقنون
अतः धैर्य से काम लो निश्चय ही अल्लाह का वादा सच्चा है और जिन्हें विश्वास नहीं, वे तुम्हें कदापि हल्का न पाएँ
3470311بسم الله الرحمن الرحيم الم
अलिफ़॰ लाम॰ मीम॰
3471312تلك آيات الكتاب الحكيم
(जो आयतें उतर रही हैं) वे तत्वज्ञान से परिपूर्ण किताब की आयते हैं
3472313هدى ورحمة للمحسنين
मार्गदर्शन और दयालुता उत्तमकारों के लिए
3473314الذين يقيمون الصلاة ويؤتون الزكاة وهم بالآخرة هم يوقنون
जो नमाज़ का आयोजन करते है और ज़कात देते है और आख़िरत पर विश्वास रखते है
3474315أولئك على هدى من ربهم وأولئك هم المفلحون
वही अपने रब की और से मार्ग पर हैं और वही सफल है


0 ... 336.4 337.4 338.4 339.4 340.4 341.4 342.4 343.4 344.4 345.4 347.4 348.4 349.4 350.4 351.4 352.4 353.4 354.4 355.4 ... 623

إنتاج هذه المادة أخد: 0.02 ثانية


المغرب.كووم © ٢٠٠٩ - ١٤٣٠ © الحـمـد لله الـذي سـخـر لـنا هـذا :: وقف لله تعالى وصدقة جارية

61445825310916064950297366681022754495