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ترتيب الآية | رقم السورة | رقم الآية | الاية |
3070 | 26 | 138 | وما نحن بمعذبين |
| | | और हमें कदापि यातना न दी जाएगी।" |
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3071 | 26 | 139 | فكذبوه فأهلكناهم إن في ذلك لآية وما كان أكثرهم مؤمنين |
| | | अन्ततः उन्होंने उन्हें झुठला दिया जो हमने उनको विनष्ट कर दिया। बेशक इसमें एक बड़ी निशानी है। इसपर भी उनमें से अधिकतर माननेवाले नहीं |
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3072 | 26 | 140 | وإن ربك لهو العزيز الرحيم |
| | | और बेशक तुम्हारा रब ही है, जो बड़ा प्रभुत्वशाली, अत्यन्त दयावान है |
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3073 | 26 | 141 | كذبت ثمود المرسلين |
| | | समूद ने रसूलों को झुठलाया, |
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3074 | 26 | 142 | إذ قال لهم أخوهم صالح ألا تتقون |
| | | जबकि उसके भाई सालेह ने उससे कहा, "क्या तुम डर नहीं रखते? |
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3075 | 26 | 143 | إني لكم رسول أمين |
| | | निस्संदेह मैं तुम्हारे लिए एक अमानतदार रसूल हूँ |
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3076 | 26 | 144 | فاتقوا الله وأطيعون |
| | | अतः तुम अल्लाह का डर रखो और मेरी बात मानो |
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3077 | 26 | 145 | وما أسألكم عليه من أجر إن أجري إلا على رب العالمين |
| | | मैं इस काम पर तुमसे कोई बदला नहीं माँगता। मेरा बदला तो बस सारे संसार के रब के ज़िम्मे है |
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3078 | 26 | 146 | أتتركون في ما هاهنا آمنين |
| | | क्या तुम यहाँ जो कुछ है उसके बीच, निश्चिन्त छोड़ दिए जाओगे, |
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3079 | 26 | 147 | في جنات وعيون |
| | | बाग़ों और स्रोतों |
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