بسم الله الرحمن الرحيم

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ترتيب الآيةرقم السورةرقم الآيةالاية
28802525ويوم تشقق السماء بالغمام ونزل الملائكة تنزيلا
उस दिन आकाश एक बादल के साथ फटेगा और फ़रिश्ते भली प्रकार उतारे जाएँगे
28812526الملك يومئذ الحق للرحمن وكان يوما على الكافرين عسيرا
उस दिन वास्तविक राज्य रहमान का होगा और वह दिन इनकार करनेवालों के लिए बड़ा ही मुश्किल होगा
28822527ويوم يعض الظالم على يديه يقول يا ليتني اتخذت مع الرسول سبيلا
उस दिन अत्याचारी अत्याचारी अपने हाथ चबाएगा। कहेंगा, "ऐ काश! मैंने रसूल के साथ मार्ग अपनाया होता!
28832528يا ويلتى ليتني لم أتخذ فلانا خليلا
हाय मेरा दुर्भाग्य! काश, मैंने अमुक व्यक्ति को मित्र न बनाया होता!
28842529لقد أضلني عن الذكر بعد إذ جاءني وكان الشيطان للإنسان خذولا
उसने मुझे भटकाकर अनुस्मृति से विमुख कर दिया, इसके पश्चात कि वह मेरे पास आ चुकी थी। शैतान तो समय पर मनुष्य का साथ छोड़ ही देता है।"
28852530وقال الرسول يا رب إن قومي اتخذوا هذا القرآن مهجورا
रसूल कहेगा, "ऐ मेरे रब! निस्संदेह मेरी क़ौम के लोगों ने इस क़ुरआन को व्यर्थ बकवास की चीज़ ठहरा लिया था।"
28862531وكذلك جعلنا لكل نبي عدوا من المجرمين وكفى بربك هاديا ونصيرا
और इसी तरह हमने अपराधियों में से प्रत्यॆक नबी के लिये शत्रु बनाया। मार्गदर्शन और सहायता कॆ लिए तॊ तुम्हारा रब ही काफ़ी है।
28872532وقال الذين كفروا لولا نزل عليه القرآن جملة واحدة كذلك لنثبت به فؤادك ورتلناه ترتيلا
और जिन लोगों ने इनकार किया उनका कहना है कि "उसपर पूरा क़ुरआन एक ही बार में क्यों नहीं उतारा?" ऐसा इसलिए किया गया ताकि हम इसके द्वारा तुम्हारे दिल को मज़बूत रखें और हमने इसे एक उचित क्रम में रखा
28882533ولا يأتونك بمثل إلا جئناك بالحق وأحسن تفسيرا
और जब कभी भी वे तुम्हारे पास कोई आक्षेप की बात लेकर आएँगे तो हम तुम्हारे पास पक्की-सच्ची चीज़ लेकर आएँगे! इस दशा में कि वह स्पष्टीतकरण की स्पष्ट से उत्तम है
28892534الذين يحشرون على وجوههم إلى جهنم أولئك شر مكانا وأضل سبيلا
जो लोग औंधे मुँह जहन्नम की ओर ले जाए जाएँगे वही स्थान की दृष्टि से बहुत बुरे है, और मार्ग की दृष्टि से भी बहुत भटके हुए है


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