بسم الله الرحمن الرحيم

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ترتيب الآيةرقم السورةرقم الآيةالاية
24142066قال بل ألقوا فإذا حبالهم وعصيهم يخيل إليه من سحرهم أنها تسعى
मूसा ने कहा (मैं नहीं डालूँगा) बल्कि तुम ही पहले डालो (ग़रज़ उन्होंने अपने करतब दिखाए) तो बस मूसा को उनके जादू (के ज़ोर से) ऐसा मालूम हुआ कि उनकी रस्सियाँ और उनकी छड़ियाँ दौड़ रही हैं
24152067فأوجس في نفسه خيفة موسى
तो मूसा ने अपने दिल में कुछ दहशत सी पाई
24162068قلنا لا تخف إنك أنت الأعلى
हमने कहा (मूसा) इस से डरो नहीं यक़ीनन तुम ही वर रहोगे
24172069وألق ما في يمينك تلقف ما صنعوا إنما صنعوا كيد ساحر ولا يفلح الساحر حيث أتى
और तुम्हारे दाहिने हाथ में जो (लाठी) है उसे डाल तो दो कि जो करतब उन लोगों ने की है उसे हड़प कर जाए क्योंकि उन लोगों ने जो कुछ करतब की वह एक जादूगर की करतब है और जादूगर जहाँ जाए कामयाब नहीं हो सकता
24182070فألقي السحرة سجدا قالوا آمنا برب هارون وموسى
(ग़रज मूसा की लाटी ने) सब हड़प कर लिया (ये देखते ही) वह सब जादूगर सजदे में गिर पड़े (और कहने लगे) कि हम मूसा और हारून के परवरदिगार पर ईमान ले आए
24192071قال آمنتم له قبل أن آذن لكم إنه لكبيركم الذي علمكم السحر فلأقطعن أيديكم وأرجلكم من خلاف ولأصلبنكم في جذوع النخل ولتعلمن أينا أشد عذابا وأبقى
फिरऔन ने उन लोगों से कहा (हाए) इससे पहले कि हम तुमको इजाज़त दें तुम उस पर ईमान ले आए इसमें शक नहीं कि ये तुम सबका बड़ा (गुरू) है जिसने तुमको जादू सिखाया है तो मैं तुम्हारा एक तरफ़ के हाथ और दूसरी तरफ़ के पाँव ज़रूर काट डालूँगा और तुम्हें यक़ीनन खुरमे की शाख़ों पर सूली चढ़ा दूँगा और उस वक्त तुमको (अच्छी तरह) मालूम हो जाएगा कि हम (दोनों) फरीक़ों से अज़ाब में ज्यादा बढ़ा हुआ कौन और किसको क़याम ज्यादा है
24202072قالوا لن نؤثرك على ما جاءنا من البينات والذي فطرنا فاقض ما أنت قاض إنما تقضي هذه الحياة الدنيا
जादूगर बोले कि ऐसे वाजेए व रौशन मौजिज़ात जो हमारे सामने आए उन पर और जिस (खुदा) ने हमको पैदा किया उस पर तो हम तुमको किसी तरह तरजीह नहीं दे सकते तो जो तुझे करना हो कर गुज़र तो बस दुनिया की (इसी ज़रा) ज़िन्दगी पर हुकूमत कर सकता है
24212073إنا آمنا بربنا ليغفر لنا خطايانا وما أكرهتنا عليه من السحر والله خير وأبقى
(और कहा) हम तो अपने परवरदिगार पर इसलिए ईमान लाए हैं ताकि हमारे वास्ते सारे गुनाह माफ़ कर दे और (ख़ास कर) जिस पर तूने हमें मजबूर किया था और खुदा ही सबसे बेहतर है
24222074إنه من يأت ربه مجرما فإن له جهنم لا يموت فيها ولا يحيى
और (उसी को) सबसे ज्यादा क़याम है इसमें शक नहीं कि जो शख्स मुजरिम होकर अपने परवरदिगार के सामने हाज़िर होगा तो उसके लिए यक़ीनन जहन्नुम (धरा हुआ) है जिसमें न तो वह मरे ही गा और न ज़िन्दा ही रहेगा
24232075ومن يأته مؤمنا قد عمل الصالحات فأولئك لهم الدرجات العلى
(सिसकता रहेगा) और जो शख्स उसके सामने ईमानदार हो कर हाज़िर होगा और उसने अच्छे-अच्छे काम भी किए होंगे तो ऐसे ही लोग हैं जिनके लिए बड़े-बड़े बुलन्द रूतबे हैं


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