بسم الله الرحمن الرحيم

نتائج البحث: 6236
ترتيب الآيةرقم السورةرقم الآيةالاية
19571656ويجعلون لما لا يعلمون نصيبا مما رزقناهم تالله لتسألن عما كنتم تفترون
हमने उन्हें जो आजीविका प्रदान की है उसमें वे उसका हिस्सा लगाते है जिन्हें वे जानते भी नहीं। अल्लाह की सौगंध! तुम जो झूठ घड़ते हो उसके विषय में तुमसे अवश्य पूछा जाएगा
19581657ويجعلون لله البنات سبحانه ولهم ما يشتهون
और वे अल्लाह के लिए बेटियाँ ठहराते है - महान और उच्च है वह - और अपने लिए वह, जो वे चाहें
19591658وإذا بشر أحدهم بالأنثى ظل وجهه مسودا وهو كظيم
और जब उनमें से किसी को बेटी की शुभ सूचना मिलती है तो उसके चहरे पर कलौंस छा जाती है और वह घुटा-घुटा रहता है
19601659يتوارى من القوم من سوء ما بشر به أيمسكه على هون أم يدسه في التراب ألا ساء ما يحكمون
जो शुभ सूचना उसे दी गई वह (उसकी दृष्टि में) ऐसी बुराई की बात हुई जो उसके कारण वह लोगों से छिपता फिरता है कि अपमान सहन करके उसे रहने दे या उसे मिट्टी में दबा दे। देखो, कितना बुरा फ़ैसला है जो वे करते है!
19611660للذين لا يؤمنون بالآخرة مثل السوء ولله المثل الأعلى وهو العزيز الحكيم
जो लोग आख़िरत को नहीं मानते बुरी मिसाल है उनकी। रहा अल्लाह, तो उसकी मिसाल अत्यन्त उच्च है। वह तो प्रभुत्वशाली, तत्वदर्शी है
19621661ولو يؤاخذ الله الناس بظلمهم ما ترك عليها من دابة ولكن يؤخرهم إلى أجل مسمى فإذا جاء أجلهم لا يستأخرون ساعة ولا يستقدمون
यदि अल्लाह लोगों को उनके अत्याचार पर पकड़ने ही लग जाता तो धरती पर किसी जीवधारी को न छोड़ता, किन्तु वह उन्हें एक निश्चित समय तक टाले जाता है। फिर जब उनका नियत समय आ जाता है तो वे न तो एक घड़ी पीछे हट सकते है और न आगे बढ़ सकते है
19631662ويجعلون لله ما يكرهون وتصف ألسنتهم الكذب أن لهم الحسنى لا جرم أن لهم النار وأنهم مفرطون
वे अल्लाह के लिए वह कुछ ठहराते है, जिसे ख़ुद अपने लिए नापसन्द करते है और उनकी ज़बाने झूठ कहती है कि उनके लिए अच्छा परिणाम है। निस्संदेह उनके लिए आग है और वे उसी में पड़े छोड़ दिए जाएँगे
19641663تالله لقد أرسلنا إلى أمم من قبلك فزين لهم الشيطان أعمالهم فهو وليهم اليوم ولهم عذاب أليم
अल्लाह की सौगंध! हम तुमसे पहले भी कितने समुदायों की ओर रसूल भेज चुके है, किन्तु शैतान ने उनकी करतूतों को उनके लिए सुहावना बना दिया। तो वही आज भी उनका संरक्षक है। उनके लिए तो एक दुखद यातना है
19651664وما أنزلنا عليك الكتاب إلا لتبين لهم الذي اختلفوا فيه وهدى ورحمة لقوم يؤمنون
हमने यह किताब तुमपर इसीलिए अवतरित की है कि जिसमें वे विभेद कर रहे है उसे तुम उनपर स्पष्टा कर दो और यह मार्गदर्शन और दयालुता है उन लोगों के लिए जो ईमान लाएँ
19661665والله أنزل من السماء ماء فأحيا به الأرض بعد موتها إن في ذلك لآية لقوم يسمعون
और अल्लाह ही ने आकाश से पानी बरसाया। फिर उसके द्वारा धरती को उसके मृत हो जाने के पश्चात जीवित किया। निश्चय ही इसमें उन लोगों के लिए बड़ी निशानी है जो सुनते है


0 ... 185.6 186.6 187.6 188.6 189.6 190.6 191.6 192.6 193.6 194.6 196.6 197.6 198.6 199.6 200.6 201.6 202.6 203.6 204.6 ... 623

إنتاج هذه المادة أخد: 0.02 ثانية


المغرب.كووم © ٢٠٠٩ - ١٤٣٠ © الحـمـد لله الـذي سـخـر لـنا هـذا :: وقف لله تعالى وصدقة جارية

476752431426350029283190511313932591890