بسم الله الرحمن الرحيم

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ترتيب الآيةرقم السورةرقم الآيةالاية
17271320الذين يوفون بعهد الله ولا ينقضون الميثاق
जो अल्लाह के साथ की हुई प्रतिज्ञा को पूरा करते है औऱ अभिवचन को तोड़ते नहीं,
17281321والذين يصلون ما أمر الله به أن يوصل ويخشون ربهم ويخافون سوء الحساب
और जो ऐसे हैं कि अल्लाह नॆ जिसे जोड़ने का आदेश दिया है उसे जोड़ते हैं और अपनॆ रब से डरते रहते हैं और बुरॆ हिसाब का उन्हॆं डर लगा रहता है
17291322والذين صبروا ابتغاء وجه ربهم وأقاموا الصلاة وأنفقوا مما رزقناهم سرا وعلانية ويدرءون بالحسنة السيئة أولئك لهم عقبى الدار
और जिन लोगों ने अपने रब की प्रसन्नता की चाह में धैर्य से काम लिया और नमाज़ क़ायम की और जो कुछ हमने उन्हें दिया है, उसमें से खुले और छिपे ख़र्च किया, और भलाई के द्वारा बुराई को दूर करते है। वही लोग है जिनके लिए आख़िरत के घर का अच्छा परिणाम है,
17301323جنات عدن يدخلونها ومن صلح من آبائهم وأزواجهم وذرياتهم والملائكة يدخلون عليهم من كل باب
अर्थात सदैव रहने के बाग़ है जिनमें वे प्रवेश करेंगे और उनके बाप-दादा और उनकी पत्नियों और उनकी सन्तानों में से जो नेक होंगे वे भी और हर दरवाज़े से फ़रिश्ते उनके पास पहुँचेंगे
17311324سلام عليكم بما صبرتم فنعم عقبى الدار
(वे कहेंगे) "तुमपर सलाम है उसके बदले में जो तुमने धैर्य से काम लिया।" अतः क्या ही अच्छा परिणाम है आख़िरत के घर का!
17321325والذين ينقضون عهد الله من بعد ميثاقه ويقطعون ما أمر الله به أن يوصل ويفسدون في الأرض أولئك لهم اللعنة ولهم سوء الدار
रहे वे लोग जो अल्लाह की प्रतिज्ञा को उसे दृढ़ करने के पश्चात तोड़ डालते है और अल्लाह ने जिसे जोड़ने का आदेश दिया है, उसे काटते है और धरती में बिगाड़ पैदा करते है। वहीं है जिनके लिए फिटकार है और जिनके लिए आख़िरत का बुरा घर है
17331326الله يبسط الرزق لمن يشاء ويقدر وفرحوا بالحياة الدنيا وما الحياة الدنيا في الآخرة إلا متاع
अल्लाह जिसको चाहता है प्रचुर फैली हुई रोज़ी प्रदान करता है औऱ इसी प्रकार नपी-तुली भी। और वे सांसारिक जीवन में मग्न हैं, हालाँकि सांसारिक जीवन आख़िरत के मुक़ाबले में तो बस अल्प सुख-सामग्री है
17341327ويقول الذين كفروا لولا أنزل عليه آية من ربه قل إن الله يضل من يشاء ويهدي إليه من أناب
जिन लोगों ने इनकार किया वे कहते है, "उसपर उसके रब की ओर से कोई निशानी क्यों नहीं उतरी?" कहो, "अल्लाह जिसे चाहता है पथभ्रष्ट कर देता है। अपनी ओर से वह मार्गदर्शन उसी का करता है जो रुजू होता है।"
17351328الذين آمنوا وتطمئن قلوبهم بذكر الله ألا بذكر الله تطمئن القلوب
ऐसे ही लोग है जो ईमान लाए और जिनके दिलों को अल्लाह के स्मरण से आराम और चैन मिलता है। सुन लो, अल्लाह के स्मरण से ही दिलों को संतोष प्राप्त हुआ करता है
17361329الذين آمنوا وعملوا الصالحات طوبى لهم وحسن مآب
जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए उनके लिए सुख-सौभाग्य है और लौटने का अच्छा ठिकाना है


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