بسم الله الرحمن الرحيم

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ترتيب الآيةرقم السورةرقم الآيةالاية
16671271قالوا وأقبلوا عليهم ماذا تفقدون
वे उनकी ओर रुख़ करते हुए बोले, "तुम्हारी क्या चीज़ खो गई है?"
16681272قالوا نفقد صواع الملك ولمن جاء به حمل بعير وأنا به زعيم
उन्होंने कहा, "शाही पैमाना हमें नहीं मिल रहा है। जो व्यक्ति उसे ला दे उसको एक ऊँट का बोझभर ग़ल्ला इनाम मिलेगा। मैं इसकी ज़िम्मेदारी लेता हूँ।"
16691273قالوا تالله لقد علمتم ما جئنا لنفسد في الأرض وما كنا سارقين
वे कहने लगे, "अल्लाह की क़सम! तुम लोग जानते ही हो कि हम इस भू-भाग में बिगाड़ पैदा करने नहीं आए है और न हम चोर है।"
16701274قالوا فما جزاؤه إن كنتم كاذبين
उन्होंने कहा, "यदि तुम झूठे सिद्ध हुए तो फिर उसका दंड क्या है?"
16711275قالوا جزاؤه من وجد في رحله فهو جزاؤه كذلك نجزي الظالمين
वे बोले, "उसका दंड यह है कि जिसके सामान में वह मिले वही उसका बदला ठहराया जाए। हम अत्याचारियों को ऐसा ही दंड देते है।"
16721276فبدأ بأوعيتهم قبل وعاء أخيه ثم استخرجها من وعاء أخيه كذلك كدنا ليوسف ما كان ليأخذ أخاه في دين الملك إلا أن يشاء الله نرفع درجات من نشاء وفوق كل ذي علم عليم
फिर उसके भाई की खुरजी से पहले उनकी ख़ुरजियाँ देखनी शुरू की; फिर उसके भाई की ख़ुरजी से उसे बरामद कर लिया। इस प्रकार हमने यूसुफ़ का उपाय किया। वह शाही क़ानून के अनुसार अपने भाई को प्राप्त नहीं कर सकता था। बल्कि अल्लाह ही की इच्छा लागू है। हम जिसको चाहे उसके दर्जे ऊँचे कर दें। और प्रत्येक ज्ञानवान से ऊपर एक ज्ञानवान मौजूद है
16731277قالوا إن يسرق فقد سرق أخ له من قبل فأسرها يوسف في نفسه ولم يبدها لهم قال أنتم شر مكانا والله أعلم بما تصفون
उन्होंने कहा, "यदि यह चोरी करता है तो चोरी तो इससे पहले इसका एक भाई भी कर चुका है।" किन्तु यूसुफ़ ने इसे अपने जी ही में रखा और उनपर प्रकट नहीं किया। उसने कहा, "मक़ाम की दृष्टि से तुम अत्यन्त बुरे हो। जो कुछ तुम बताते हो, अल्लाह को उसका पूरा ज्ञान है।"
16741278قالوا يا أيها العزيز إن له أبا شيخا كبيرا فخذ أحدنا مكانه إنا نراك من المحسنين
उन्होंने कहा, "ऐ अज़ीज़! इसका बाप बहुत ही बूढ़ा है। इसलिए इसके स्थान पर हममें से किसी को रख लीजिए। हमारी स्पष्ट में तो आप बड़े ही सुकर्मी है।"
16751279قال معاذ الله أن نأخذ إلا من وجدنا متاعنا عنده إنا إذا لظالمون
उसने कहा, "इस बात से अल्लाह पनाह में रखे कि जिसके पास हमने अपना माल पाया है, उसे छोड़कर हम किसी दूसरे को रखें। फिर तो हम अत्याचारी ठहगेंगे।"
16761280فلما استيأسوا منه خلصوا نجيا قال كبيرهم ألم تعلموا أن أباكم قد أخذ عليكم موثقا من الله ومن قبل ما فرطتم في يوسف فلن أبرح الأرض حتى يأذن لي أبي أو يحكم الله لي وهو خير الحاكمين
तो जब से वे उससे निराश हो गए तो परामर्श करने के लिए अलग जा बैठे। उनमें जो बड़ा था, वह कहने लगा, "क्या तुम जानते नहीं कि तुम्हारा बाप अल्लाह के नाम पर तुमसे वचन ले चुका है और उसको जो इससे पहले यूसुफ़ के मामले में तुमसे क़सूर हो चुका है? मैं तो इस भू-भाग से कदापि टलने का नहीं जब तक कि मेरे बाप मुझे अनुमति न दें या अल्लाह ही मेरे हक़ में कोई फ़ैसला कर दे। और वही सबसे अच्छा फ़ैसला करनेवाला है


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