بسم الله الرحمن الرحيم

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ترتيب الآيةرقم السورةرقم الآيةالاية
14471083فما آمن لموسى إلا ذرية من قومه على خوف من فرعون وملئهم أن يفتنهم وإن فرعون لعال في الأرض وإنه لمن المسرفين
फिर मूसा की बात उसकी क़ौम की संतति में से बस कुछ ही लोगों ने मानी; फ़िरऔन और उनके सरदारों के भय से कि कहीं उन्हें किसी फ़ितने में न डाल दें। फ़िरऔन था भी धरती में बहुत सिर उठाए हुए, औऱ निश्चय ही वह हद से आगे बढ़ गया था
14481084وقال موسى يا قوم إن كنتم آمنتم بالله فعليه توكلوا إن كنتم مسلمين
मूसा ने कहा, "ऐ मेरी क़ौम के लोगो! यदि तुम अल्लाह पर ईमान रखते हो तो उसपर भरोसा करो, यदि तुम आज्ञाकारी हो।"
14491085فقالوا على الله توكلنا ربنا لا تجعلنا فتنة للقوم الظالمين
इसपर वे बोले, "हमने अल्लाह पर भरोसा किया। ऐ हमारे रब! तू हमें अत्याचारी लोगों के हाथों आज़माइश में न डाल
14501086ونجنا برحمتك من القوم الكافرين
"और अपनी दयालुता से हमें इनकार करनेवालों से छुटकारा दिया।"
14511087وأوحينا إلى موسى وأخيه أن تبوآ لقومكما بمصر بيوتا واجعلوا بيوتكم قبلة وأقيموا الصلاة وبشر المؤمنين
हमने मूसा और उसके भाई की ओर प्रकाशना की कि "तुम दोनों अपने लोगों के लिए मिस्र में कुछ घर निश्चित कर लो औऱ अपने घरों को क़िबला बना लो। और नमाज़ क़ायम करो और ईमानवालों को शुभसूचना दे दो।"
14521088وقال موسى ربنا إنك آتيت فرعون وملأه زينة وأموالا في الحياة الدنيا ربنا ليضلوا عن سبيلك ربنا اطمس على أموالهم واشدد على قلوبهم فلا يؤمنوا حتى يروا العذاب الأليم
मूसा ने कहा, "हमारे रब! तूने फ़िरऔन और उसके सरदारों को सांसारिक जीवन में शोभा-सामग्री और धन दिए है, हमारे रब, इसलिए कि वे तेरे मार्ग से भटकाएँ! हमारे रब, उनके धन नष्ट कर दे और उनके हृदय कठोर कर दे कि वे ईमान न लाएँ, ताकि वे दुखद यातना देख लें।"
14531089قال قد أجيبت دعوتكما فاستقيما ولا تتبعان سبيل الذين لا يعلمون
कहा, "तुम दोनों की प्रार्थना स्वीकृत हो चुकी। अतः तुम दोनों जमें रहो और उन लोगों के मार्ग पर कदापि न चलना, जो जानते नहीं।"
14541090وجاوزنا ببني إسرائيل البحر فأتبعهم فرعون وجنوده بغيا وعدوا حتى إذا أدركه الغرق قال آمنت أنه لا إله إلا الذي آمنت به بنو إسرائيل وأنا من المسلمين
और हमने इसराईलियों को समुद्र पार करा दिया। फिर फ़िरऔन और उसकी सेनाओं ने सरकशी और ज़्यादती के साथ उनका पीछा किया, यहाँ तक कि जब वह डूबने लगा तो पुकार उठा, "मैं ईमान ले आया कि उसके सिव कोई पूज्य-प्रभु नही, जिस पर इसराईल की सन्तान ईमान लाई। अब मैं आज्ञाकारी हूँ।"
14551091آلآن وقد عصيت قبل وكنت من المفسدين
"क्या अब? हालाँकि इससे पहले तुने अवज्ञा की और बिगाड़ पैदा करनेवालों में से था
14561092فاليوم ننجيك ببدنك لتكون لمن خلفك آية وإن كثيرا من الناس عن آياتنا لغافلون
"अतः आज हम तेरे शरीर को बचा लेगें, ताकि तू अपने बादवालों के लिए एक निशानी हो जाए। निश्चय ही, बहुत-से लोग हमारी निशानियों के प्रति असावधान ही रहते है।"


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